ठसाठस भरे बाजार के बीच एक आदमी की दहाड़ गूंजी ‘ मैं खुद को उड़ा देनेवाला हूँ ! ‘
चौंक कर सब ने देखा तो एक गोल मटोल सा अधेड़ उम्र का आदमी दिखाई दिया. उसने एक जाकिट पहना था जो खुला था और अन्दर कुछ वायर्स का जंजाल सा दिखाई दे रहा था. जाकिट काफी लदा हुआ दिख रहा था !!
डरते डरते किसी ने पूछा – यह क्या भरा है?
RDX है – चीख कर उसने जवाब दिया और जेब से एक रिमोट निकाला.
हज़ारों की भीड़ में किसी को काटो तो खून नहीं....
फिर एक बुजुर्ग मियां आगे बढे, कहने लगे मियां ऐसा मत करो ...‘ऐसा न करूँ तो क्या करूँ ? ‘ वो चिल्लाया, ‘तंग आ गया हूँ खर्चे से..... आठ बीवियां है, चालीस बच्चे है, सब के मोबाइल बिल, गाड़ियाँ, उसके लिए पेट्रोल, शौपिंग, और अब इन सब को आराम से रहने के लिए मुनासिब एक घर ... खुद को उड़ा देना ही बेहतर होगा ..... उसने रिमोट पर हाथ कसा ..अमां ठहरो मियां , चलो हम तुम्हारी मदद कर देते हैं जितनी बन सके – भीड़ में से एक सहमी सी आवाज आई. रिमोट पर का कसाव थोडा कम हुआ , और थोडा कम हुआ जब एक वेल ड्रेस्ड आदमी ने हज़ार की नोट सामने रक्खी....
लेकिन इसने रईस की भरी जेब देख ली थी; फिर चिल्लाया .....एक से क्या होगा, बेहतर होगा बटन दबा ही दूँ... पूरी थोकड़ी लिए घूम रहा है.... रईस ने थोकड़ी रख ली और झट से रास्ता नाप लिया, फटाफट नोट जमा होने लगे, बीच बीच में ये रिमोट भांजता रहा, चिल्लाता रहा, पैसे जमा होते रहे ...आखिर में एक दुकानदार के नौकर ने उसे एक बोरी थमा दी, जिसमें वो पैसे बटोरने लगा.... अब उसकी चिंता दूर हुई लगती थी, सीटी भी बजा रहा था ...
जब लदी हुई बोरी को ले कर वो निकला तो किसी ने पूछ लिया – मियाँ, आप की तारीफ़?
‘पाकिस्तान’, उसने बेफिक्री से जवाब दिया और चला गया
चौंक कर सब ने देखा तो एक गोल मटोल सा अधेड़ उम्र का आदमी दिखाई दिया. उसने एक जाकिट पहना था जो खुला था और अन्दर कुछ वायर्स का जंजाल सा दिखाई दे रहा था. जाकिट काफी लदा हुआ दिख रहा था !!
डरते डरते किसी ने पूछा – यह क्या भरा है?
RDX है – चीख कर उसने जवाब दिया और जेब से एक रिमोट निकाला.
हज़ारों की भीड़ में किसी को काटो तो खून नहीं....
फिर एक बुजुर्ग मियां आगे बढे, कहने लगे मियां ऐसा मत करो ...‘ऐसा न करूँ तो क्या करूँ ? ‘ वो चिल्लाया, ‘तंग आ गया हूँ खर्चे से..... आठ बीवियां है, चालीस बच्चे है, सब के मोबाइल बिल, गाड़ियाँ, उसके लिए पेट्रोल, शौपिंग, और अब इन सब को आराम से रहने के लिए मुनासिब एक घर ... खुद को उड़ा देना ही बेहतर होगा ..... उसने रिमोट पर हाथ कसा ..अमां ठहरो मियां , चलो हम तुम्हारी मदद कर देते हैं जितनी बन सके – भीड़ में से एक सहमी सी आवाज आई. रिमोट पर का कसाव थोडा कम हुआ , और थोडा कम हुआ जब एक वेल ड्रेस्ड आदमी ने हज़ार की नोट सामने रक्खी....
लेकिन इसने रईस की भरी जेब देख ली थी; फिर चिल्लाया .....एक से क्या होगा, बेहतर होगा बटन दबा ही दूँ... पूरी थोकड़ी लिए घूम रहा है.... रईस ने थोकड़ी रख ली और झट से रास्ता नाप लिया, फटाफट नोट जमा होने लगे, बीच बीच में ये रिमोट भांजता रहा, चिल्लाता रहा, पैसे जमा होते रहे ...आखिर में एक दुकानदार के नौकर ने उसे एक बोरी थमा दी, जिसमें वो पैसे बटोरने लगा.... अब उसकी चिंता दूर हुई लगती थी, सीटी भी बजा रहा था ...
जब लदी हुई बोरी को ले कर वो निकला तो किसी ने पूछ लिया – मियाँ, आप की तारीफ़?
‘पाकिस्तान’, उसने बेफिक्री से जवाब दिया और चला गया
#भिखारी_देश !







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